नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वाकांक्षी “लखपति दीदी” योजना के क्रियान्वयन को लेकर जनपद स्तरीय स्टीयरिंग समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में योजना को धरातल पर उतारने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर गहन मंथन हुआ। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिलना सुनिश्चित किया जाए ताकि वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक पुष्पेंद्र चौहान को निर्देशित किया कि वे तत्काल विभागवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और संबंधित टीमों को स्पष्ट टारगेट सौंपें। उन्होंने जोर देकर कहा कि योजना की सफलता के लिए जनसाधारण में जागरूकता और संवेदनशीलता का होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। इसके तहत डेयरी पशुपालकों के लिए विशेष बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि उन्हें पशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं, उन्नत पशुचारे और दुग्ध उत्पादन के लाभों से सीधे जोड़ा जा सके।
प्रशासन का मानना है कि पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
जनपद में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने मांग-आधारित उत्पादन और कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने के लिए “प्राइवेट प्लेयर्स” की सहभागिता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में कीवी मिशन के अंतर्गत जिले में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से होमस्टे संचालन के लिए संभावित क्षेत्रों की मैपिंग करने के भी निर्देश दिए गए।
