नई टिहरी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) और नमामि गंगे परियोजना के तत्वावधान में गुरुवार को केंद्रीय विद्यालय नई टिहरी में गंगा नदी के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सामाजिक जुड़ाव को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत ड्राइंग प्रतियोगिता, समूह चर्चा और स्टोरी लर्निंग सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को गंगा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रदीप चंद्र थपलियाल और एनबीटी के प्रभारी आकाश अत्री ने संयुक्त रूप से किया। अपने उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य थपलियाल ने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक और विषयपरक आयोजनों से न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच मिलता है, बल्कि उनके भीतर सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर मंच मिलने से छात्र अपनी झिझक दूर कर खुले मन से भागीदारी करते हैं।
एनबीटी के प्रभारी आकाश अत्री ने बताया कि ट्रस्ट विद्यार्थियों को पुस्तकों की महत्ता से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें समसामयिक विषयों पर जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम टिहरी जनपद के विभिन्न विद्यालयों में 28 जून तक संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंच सके। बीते दिवस यह आयोजन केंद्रीय विद्यालय सौड़-खांड में भी किया गया था।
ड्राइंग प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं की छात्रा हर्षिता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि काकुल (कक्षा 11वीं) द्वितीय तथा आयुष सेमवाल (कक्षा 12वीं) तृतीय स्थान पर रहे। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ट्रस्ट के बुक स्टॉल वाहन का भी भ्रमण कराया गया, जिसमें गंगा नदी से संबंधित साहित्य और ज्ञानवर्धक सामग्री प्रदर्शित की गई थी। इस अवसर पर संदर्भ व्यक्ति अरण्य रंजन ने गंगा नदी के सामाजिक, आर्थिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पक्षों पर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया और स्टोरी लर्निंग गतिविधियों के माध्यम से गंगा के संरक्षण हेतु सकारात्मक कार्यों की प्रेरणा दी।
