नई टिहरी/उत्तराखंड। कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में गंगा नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सुधार
बैठक में राहत भरी खबर सामने आई कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जनवरी रिपोर्ट के अनुसार जिले में संचालित सभी नौ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों पर पूरी तरह से सही पाए गए हैं।
इसके अलावा अधिकारियों ने बताया कि ऋषिकेश के ढालवाला में बन रहे आठ एमएलडी क्षमता के नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण इसी वर्ष मार्च तक पूरा हो जाएगा। प्लांट चालू होते ही लगभग 2,445 घरों को सीवेज नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार होगा।
ठोस कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण
टिहरी और चम्बा नगर पालिका क्षेत्रों में लंबे समय से जमा ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
प्रदूषण मुक्त गंगा के लिए सख्त कदम
प्रशासन ने गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए धरातल पर सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुनि की रेती और चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में जल संस्थान तथा नगर निकाय की संयुक्त टीम ने 14 घरों की ग्रे वाटर पाइपलाइनों को बंद कर दिया, जिनका गंदा पानी सीधे गंगा में जा रहा था।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएफओ पुनीत तोमर, जिला पंचायत राज अधिकारी एम एम खान, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, पेयजल निगम, जल संस्थान और विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी व परियोजना प्रबंधक वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में उठाए गए कदमों और निर्देशों से गंगा नदी के प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है।
