देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी हार स्वीकार करने के बजाय पार्टी संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है। गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि है और राजनीतिक दलों को चुनाव परिणामों का सम्मान करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक दो चरणों में चलाया जाएगा। इसके माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों में पदयात्राएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा का कहना है कि अभियान के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की यह नई यात्रा नहीं है, इससे पहले भी पार्टी यात्राएं निकाल चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को चुनावों में जो परिणाम दिए हैं, वे किसी से छिपे नहीं हैं।
धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी विफलताओं के कारणों पर आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता या संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत का दावा करना और हारने पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना दोहरे रवैये को दर्शाता है।
22 अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान, तीन प्रमुख पदयात्राओं का कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान का पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक और दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा। पहले चरण में तीन प्रमुख पदयात्राएं प्रस्तावित हैं।
- 31 अक्टूबर: श्रीनगर गढ़वाल में पदयात्रा।
- 2 नवंबर: देहरादून में विशाल पदयात्रा, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की अपेक्षा जताई गई है।
- 3 नवंबर: रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में पदयात्रा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इसके बाद अभियान को प्रदेश के सभी 13 जनपदों तक विस्तार दिया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर संवाद करेंगे।
चुनावी हार के लिए आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं: धामी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी पराजयों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इन राज्यों में पार्टी की चुनावी असफलताओं के लिए भी वर्तमान चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2025 में पदभार ग्रहण किया, जबकि कांग्रेस की चुनावी पराजयों का सिलसिला इससे पहले से जारी है।
धामी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में जनता का विश्वास हासिल करना राजनीतिक दलों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

युवाओं को अराजकता की ओर धकेलने के प्रयास चिंताजनक: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने युवाओं की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति का उपयोग शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने हितों के लिए युवाओं को भड़काकर टकराव और अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रही हैं।
दिल्ली की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि युवाओं और बच्चों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आगे करना चिंताजनक है। उन्होंने देश में बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने संबंधी कथित बयानों पर भी सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां राजनीतिक परिवर्तन का रास्ता संविधान तथा जनता के जनादेश से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
कांग्रेस से पूछा- अपने शासनकाल में जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या किया?
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी को सबसे पहले अपने लंबे शासनकाल का हिसाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि उसने जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यात्रा के पीछे जनहित के मुद्दों को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना दिखाई नहीं देती। धामी ने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के सामने तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और सभी वर्गों के सम्मान में विश्वास रखने वाला प्रदेश है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता भ्रामक प्रचार और सामाजिक विभाजन के प्रयासों को सफल नहीं होने देगी।
वायरल ऑडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच पर दिया जोर
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के भाई से संबंधित वायरल ऑडियो प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण की पार्टी स्तर पर जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और किसी के साथ अन्याय न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित के साथ खड़ी है और किसी भी मामले में न्याय तथा निष्पक्षता सर्वोपरि है।
जनता तक पहुंचाएंगी सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता प्रदेशभर में जनता से संवाद करेंगे। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न निर्णयों की जानकारी साझा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता के विश्वास, जनादेश की स्वीकार्यता, संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान और सामाजिक समरसता पर निर्भर करती है। भाजपा इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाएगी।
पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, दीप्ति रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट एवं प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी और कमलेश रमन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
