यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में 4,795 विद्यार्थियों को मिल रहीं उपाधियां, मुख्यमंत्री ने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से किया सम्मानित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प साकार होगा। देश के युवाओं में अपार क्षमता है और वे अपने ज्ञान, नवाचार तथा परिश्रम के बल पर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकते हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। विश्वविद्यालय से निकलने के बाद उन्हें जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा। ऐसे में मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना ही उन्हें सफलता की ओर ले जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग समाज तथा देश की प्रगति के लिए करने का आह्वान किया।
व्यवहार, विनम्रता और संस्कार से बनती है असली पहचान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जीवन में व्यक्ति की वास्तविक पहचान केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से भी तय होती है। दूसरों की सहायता करने और अच्छे कार्यों से व्यक्ति को वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवनभर सीखते रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि सफलता हासिल करने के बाद भी विनम्रता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यूपीईएस की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की होगी अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इस संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की युवा शक्ति अपने परिश्रम, प्रतिभा और नवाचार से इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम योगदान देगी।
उन्होंने कहा कि यूपीईएस से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और दुनिया में जहां भी जाएंगे, अपनी योग्यता, कार्यक्षमता और उपलब्धियों से उत्तराखंड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। उनके अनुसार, यह भागीदारी दर्शाती है कि उत्तराखंड के युवा सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूक हैं तथा उनमें सकारात्मक सोच के साथ योगदान देने की क्षमता है।
एआई, डेटा साइंस और ग्रीन एनर्जी पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल तकनीक का है। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों के समन्वय को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है।
धामी ने कहा कि युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल नौकरी पाने वाले न बनें, बल्कि स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। इसके लिए स्टार्टअप, नवाचार और इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी: धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों से मिले मुख्यमंत्री
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए अभिभावकों से भी संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना।
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।
4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही हैं उपाधियां
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय, प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
