भराड़ीसैंण: उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। भराड़ीसैण में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान उक्रांद कार्यकर्ताओं ने विधायकों को क्षेत्र से बाहर न जाने देने के लिए नई रणनीति बनाई है। इसके तहत कार्यकर्ता सड़कों पर लेटकर विधायकों के वाहनों को रोकने की तैयारी कर रहे हैं।
पार्टी ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित कराने के लिए अब “डू एंड डाई” की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इससे पहले बजट सत्र के पहले दिन उक्रांद कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस को चकमा देते हुए जंगलों के रास्ते भराड़ीसैण विधानसभा परिसर के नीचे तक पहुंचने में सफलता हासिल की थी।
उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सिमली और पांडुवाखाल में एकत्रित हुए और भराड़ीसैण से आने-जाने वाले वाहनों की जांच करने लगे। उनकी योजना पांडुवाखाल, नागचूलाखाल, सिमली, कर्णप्रयाग, श्रीनगर और देवप्रयाग समेत अन्य क्षेत्रों में भी विधायकों को रोकने की है।
हालांकि गुरुवार को विधानसभा सत्र जारी रहने के कारण कोई विधायक उनके हाथ नहीं लगा, लेकिन उक्रांद कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई विधायक भराड़ीसैण से बाहर निकलता है तो उसे वापस भेजा जाएगा और इसी सत्र में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग जारी रहेगी।
नेताओं का आरोप है कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का फैसला नहीं हो पाया है और इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन की शहादतों का सम्मान करते हुए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किया जाना चाहिए।
