देहरादून। जब नई पीढ़ी की ऊर्जा और पुरानी पीढ़ी के अनुभव मिलते हैं, तो एक खूबसूरत संगम बनता है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला *‘पीढ़ियों का कारवां’* कार्यक्रम में। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष्य में सामाजिक न्याय मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर यह अनोखा आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि *‘सेवा संकल्प अभियान’* के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जनपद स्तर पर जीतने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
इसी क्रम में गुरुवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कोलागढ़ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
क्या-क्या हुईं प्रतियोगिताएं?
कार्यक्रम में युवाओं और बुजुर्गों के बीच बॉन्डिंग को मजबूत करने के लिए 5 दिलचस्प प्रतियोगिताएं रखी गईं:
1. सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट्स – दादा-दादी के साथ सेल्फी लेकर बच्चों ने अपना प्यार जताया।
2. पोस्टर मेकिंग – रंगों से बुजुर्गों के प्रति सम्मान को उकेरा।
3. निबंध लेखन – कलम से बड़ों के योगदान को सलाम किया।
4. गायन प्रतियोगिता – सुरों से पीढ़ियों को जोड़ा।
*5. कविता पाठ -* स्वरचित कविताओं से दिलों को छुआ।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि कार्यक्रम का मकसद नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों के जीवन मूल्यों और संघर्षों से जोड़ना है। वरिष्ठजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं और ऐसे कार्यक्रम दोनों पीढ़ियों के बीच सम्मान और आत्मीयता का पुल बनाते हैं।
