स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए देवप्रयाग ब्लॉक के देवका केंद्र को मिला एनक्यूएएस प्रमाणन

नई टिहरी। जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब राष्ट्रीय स्तर की उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। इसी क्रम में देवप्रयाग ब्लॉक स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर देवका ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत निर्धारित सभी कठिन पैमानों पर खरा उतरते हुए प्रतिष्ठित एनक्यूएएस प्रमाणन हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल देवका गांव के लिए बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह प्रमाणन साबित करता है कि यहां मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं और उपचार राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्याम विजय ने इस बड़ी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर देवका को यह सम्मान मिलना इस बात का प्रमाण है कि यदि टीम भावना और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम दिए जा सकते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अंजना गुप्ता और उनकी पूरी टीम की जमकर सराहना की। सीएमओ ने विशेष रूप से वहां तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम और अन्य सहयोगी स्टाफ की मेहनत को रेखांकित करते हुए कहा कि इन स्वास्थ्य कर्मियों ने दिन-रात एक करके अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया और मरीजों की संतुष्टि को सर्वाेपरि रखा।
इस सफलता के पीछे जिला गुणवत्ता टीम (डिस्ट्रिक्ट क्वालिटी टीम) की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला गुणवत्ता टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर दिए गए तकनीकी मार्गदर्शन, सतत निगरानी और आवश्यक सहयोग के बिना यह लक्ष्य प्राप्त करना कठिन था। जिला टीम ने देवका केंद्र की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने में जो सक्रिय भूमिका निभाई, वह काबिले तारीफ है। यह प्रमाणन प्रक्रिया स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को भी अब देवका से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। सीएमओ ने जनपद के सभी ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों से अपील की है कि वे भी अपने-अपने क्षेत्रों में एनक्यूएएस प्रमाणन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य केंद्र भी अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालें और और अधिक प्रभावी बनाएं। देवका की यह सफलता यह संदेश देती है कि पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार संभव है और प्रशासन इसके लिए हर संभव मदद देने को तत्पर है।

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