रुद्रप्रयाग में कूड़ा, पराली और सूखी घास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, डीएम ने जारी किए सख्त आदेश

रुद्रप्रयाग।
जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने जिले की सभी नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा, अपशिष्ट पदार्थ तथा कृषि भूमि में पराली (अवशेष) जलाने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला आपदा प्रबंधन केंद्र को लगातार मिल रही वनाग्नि की सूचनाओं के बाद प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कृषि भूमि की सफाई के दौरान सूखी घास और झाड़ियों को जलाने, सड़कों के किनारे जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंकने और कूड़ा जलाने जैसी मानवीय लापरवाहियों के कारण आग जंगलों तक फैल रही है।

इससे न केवल बहुमूल्य वन संपदा और वन्य जीवों को नुकसान हो रहा है, बल्कि पशुचार, पर्यावरण और जन-धन की हानि का भी खतरा बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति, संस्था या विभाग खुले में आग लगाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें और कहीं भी आग लगने की घटना दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग या जिला आपदा प्रबंधन केंद्र को सूचित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *