हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संत-महात्मा, धर्मगुरु और श्रद्धालुओं के योगदान की सराहना की और कहा कि यह क्षेत्र राष्ट्र और संस्कृति के लिए प्रेरणा का केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका आध्यात्मिक दर्शन सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी।

धामी ने संत परंपरा को वसुधैव कुटुंबकम के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सनातन धर्म शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है और समय के साथ कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने राज्य में लागू धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगा रोधी कानून, और समान नागरिक संहिता जैसे कदमों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, योग गुरु बाबा रामदेव, एवं बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है, जिसमें अयोध्या में श्रीराम मंदिर और बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य महत्वपूर्ण हैं।
