निजमुला/चमोली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर निजमुला घाटी के ब्यारा गांव में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और राष्ट्रवादी मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा।
सम्मेलन में आरएसएस के मुख्य वक्ता एवं जिला प्रचारक मिथलेश ने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही मजबूत और सुरक्षित भारत की नींव रख सकता है। उन्होंने कहा कि समाज की एकता राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं को सेवा, संस्कार एवं संगठन के भाव से राष्ट्र निर्माण में आगे आना चाहिए।
विराट हिंदू सम्मेलन के जिला संयोजक अतुल शाह ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति और संस्कार का आधार माना गया है। उन्होंने महिलाओं से सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त करने का आह्वान किया।
डीसीबी के पूर्व चेयरमैन गजेंद्र रावत ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और धार्मिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि धर्म समाज को मर्यादा, अनुशासन और सद्भाव का मार्ग दिखाता है तथा हिंदू समाज की एकजुटता से ही राष्ट्र सशक्त बन सकता है।
इस अवसर पर ब्यारा विकास भवन से शिव मंदिर होते हुए कार्यक्रम स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता एवं सरपंच रघुबीर बिष्ट ने किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी संगठनों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
