नई टिहरी। जनपद में स्वच्छता के स्तर को सुधारने और कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति-2017 के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे सफाई अभियानों, कूड़ा उठान की व्यवस्था और “इको वेल्थ प्रोजेक्ट” की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता के मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और व्यवस्थित बनाया जाए।
बैठक के दौरान सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों से उनके क्षेत्रों में चल रहे “इको वेल्थ प्रोजेक्ट” की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग समय-समय पर की जा रही है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल मॉनिटरिंग से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को हर महीने एकत्रित किए जाने वाले कूड़े की विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यदि किसी निकाय को कूड़ा संग्रहण के लिए अतिरिक्त संसाधनों या सामग्री की आवश्यकता है, तो वे तत्काल प्रस्ताव भेजें ताकि व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह निर्देशित किया गया कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों में स्थापित जालीदार कूड़ा संग्रहण केंद्रों की भौतिक स्थिति की जांच करेंगे। यदि कहीं कूड़ा संग्रहण केंद्र क्षतिग्रस्त हैं या उन्हें मरम्मत और रंग-रोगन की आवश्यकता है, तो 15वें वित्त आयोग के टाइड मद से कार्ययोजना बनाकर उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। खंड विकास अधिकारियों ने बैठक में बताया कि रोस्टर के अनुसार सड़क किनारे स्थित संग्रहण केंद्रों से कूड़ा उठाया जा रहा है और ब्लॉक स्तर पर कॉम्पैक्टर तक पहुँचाया जा रहा है। हालांकि, सड़क मार्ग से दूर स्थित गांवों और शहरी निकायों से सटी ग्राम पंचायतों में कूड़ा उठान में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को भी पटल पर रखा गया, जिस पर सीडीओ ने स्थानीय निकायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समाधान निकालने के निर्देश दिए।
