सड़क हादसों की तह तक जाने के लिए प्रशासन की बड़ी पहल, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की हुई मजिस्ट्रियल जांच

नई टिहरी।  जनपद में हो रही सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाने और भविष्य में उनकी पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना शुरू कर दिया है।  जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की मजिस्ट्रियल जांच और मोटर वाहन अधिनियम की धारा-135 के तहत वैज्ञानिक विश्लेषण की महत्वपूर्ण कार्यवाही संपन्न की गई।

 

इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य केवल दुर्घटना का रिकॉर्ड दर्ज करना नहीं, बल्कि उन तकनीकी और व्यावहारिक खामियों को उजागर करना है जिनकी वजह से ये हादसे हुए, ताकि समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। इस विशेष जांच अभियान के तहत दो अलग-अलग दुर्घटना प्रकरणों को शामिल किया गया। पहले मामले में दुर्घटनाग्रस्त वाहन संख्या यूके 14 पीए 1769 और दूसरे प्रकरण में वाहन संख्या यूके 07 सीडी 6130 की गहन मजिस्ट्रियल जांच की गई। जाँच टीम ने इन दोनों वाहनों का मौके पर जाकर वैज्ञानिक विश्लेषण किया।

 

इस दौरान टीम ने यह परखने की कोशिश की कि क्या दुर्घटना के पीछे कोई यांत्रिक विफलता (मैकेनिकल फेलियर) थी, या फिर मानवीय भूल और सड़क की खराब स्थिति इसके लिए जिम्मेदार थी। जांच की प्रक्रिया बेहद सूक्ष्म और तकनीकी मानकों पर आधारित रही। जांच अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल पर सड़क की ज्यामिति, मोड़, ढलान और वहां मौजूद सुरक्षा संकेतकों का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही वाहनों के ब्रेकिंग सिस्टम, स्टीयरिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि जांच रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यों पर आधारित हो।

 

अधिकारियों का कहना है कि इस गहन परीक्षण के बाद तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट सक्षम स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर भविष्य में सड़क सुरक्षा को लेकर नीतिगत निर्णय लिए जा सकेंगे और दोषी कारकों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *