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आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में पहुंचे सीएम धामी, 70 और 42 किमी दौड़ के विजेताओं को किया सम्मानित

पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 70 किलोमीटर और 42 किलोमीटर की दौड़ के विजेताओं को पुरस्कृत किया और देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे धावकों का उत्साहवर्धन किया। गुंजी पहुंचने पर रं समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक वेशभूषा के साथ स्वागत किया। इस दौरान क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट परंपराओं की झलक देखने को मिली।

साहस, संकल्प और इच्छाशक्ति की परीक्षा है आदि कैलाश परिक्रमा रन: धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन केवल एक मैराथन नहीं, बल्कि साहस, संकल्प, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की परीक्षा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में कठिन रास्तों, विषम मौसम और कम ऑक्सीजन के बीच इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने सभी प्रतिभागियों के साहस और उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की प्राकृतिक विशेषताओं और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सेना, ITBP और SSB के योगदान को सराहा

मुख्यमंत्री ने आयोजन को सफल बनाने में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सहयोग की सराहना की। उन्होंने इन बलों के अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया।

उन्होंने कहा कि देश के वीर जवान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सीमाओं की सुरक्षा करने के साथ-साथ ऐसे आयोजनों के संचालन में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

पिछले साल 700 से अधिक धावकों ने लिया था हिस्सा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन के पहले संस्करण में 700 से अधिक धावकों ने भाग लिया था। आयोजन की सफलता से आदि कैलाश क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष आदि कैलाश क्षेत्र के लिए जारी इनर लाइन परमिट की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह क्षेत्र के प्रति पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।

सीमांत गांवों में पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को देश के अंतिम गांव के बजाय प्रथम गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हों।

उन्होंने कहा कि आदि कैलाश परिक्रमा रन जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इससे होमस्टे संचालकों, स्थानीय गाइडों, परिवहन व्यवसायियों, होटल संचालकों और खानपान से जुड़े लोगों को लाभ मिल रहा है।

राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटन विकास का प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और सीमांत गांवों से पलायन रोकने में मदद मिले।

उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस वर्ष नीति घाटी में भी अल्ट्रा रन का आयोजन किया गया।

उन्होंने बताया कि राज्य में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन साइक्लिंग और एंगलिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। औली, मुनस्यारी, ऋषिकेश और टिहरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता साहसिक पर्यटन के विस्तार के लिए अनेक अवसर उपलब्ध कराती है। ऐसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाते हैं।

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