रुड़की। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों के क्रम में शनिवार को ग्रीनवे मॉर्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के तत्वावधान तथा तहसील विधिक सेवा समिति, रुड़की के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा कानूनों, साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

पॉक्सो एक्ट और गुड टच-बैड टच की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही गुड टच और बैड टच के बारे में समझाते हुए कहा गया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुचित व्यवहार किए जाने पर बच्चे चुप न रहें, बल्कि अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
विद्यार्थियों को बताया गया कि भय, दबाव या शोषण की स्थिति में समय पर शिकायत करना और उचित सहायता प्राप्त करना बेहद जरूरी है।
साइबर फ्रॉड और एआई के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी जागरूक किया गया।
उन्हें सलाह दी गई कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या निजी जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहें।
इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी की सत्यता जांचने और तकनीक का सकारात्मक एवं सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
न्यायिक अधिकारियों सहित कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अम्बिका पंत तथा द्वितीय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अवंतिका चौधरी ने प्रतिभाग किया। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी निरीक्षक के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इसके अलावा स्कूल की प्रधानाचार्य माला चौहान सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।
अतिथियों का सम्मान, विधिक सहायता की कार्यप्रणाली बताई
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य माला चौहान ने अतिथियों को बुके भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ कानून, सुरक्षा और अपने अधिकारों की जानकारी होना भी आवश्यक है।
वहीं, अधिकार मित्र कविता पटवाल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिवार की ओर से स्कूल प्रबंधन, शिक्षकगण और उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार एवं तहसील विधिक सेवा समिति, रुड़की की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि ये संस्थाएं जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कानूनी रूप से जागरूक, आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनाना रहा। सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अधिकार पहचानने, गलत के खिलाफ आवाज उठाने और डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
