देहरादून। यूनिसन एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन की इकाई डीआईटी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने डिज़ाइन उत्कृष्टता एवं उद्योग तत्परता कार्यक्रम के संचालन में सहयोग के लिए केपीएमजी इन इंडिया (KPMG in India) के साथ करार किया है।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना तथा विद्यार्थियों को संरचित प्रशिक्षण, व्यावहारिक अनुभव और उद्योग-आधारित शिक्षण के अवसर प्रदान करना है। इस पहल के माध्यम से डीआईटी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और केपीएमजी इन इंडिया के औद्योगिक अनुभव को एक मंच पर लाया जाएगा।
एआई आधारित पोर्टफोलियो लैब और लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट होंगे प्रमुख आकर्षण
इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए कई विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पोर्टफोलियो मूल्यांकन एवं विश्लेषण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पोर्टफोलियो प्रयोगशाला, लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट स्प्रिंट, इंडस्ट्री हैकाथॉन, सिमुलेशन अभ्यास और प्लेसमेंट कोचिंग के लिए मार्गदर्शन शामिल हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने, उद्योग जगत की कार्यप्रणालियों को समझने और पेशेवर चुनौतियों का सामना करने का अनुभव मिलेगा।
गुरुग्राम में होगा लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट
करार के तहत प्रत्यक्ष औद्योगिक परियोजना का आयोजन केपीएमजी इन इंडिया के गुरुग्राम स्थित कार्यालय में किए जाने की योजना है। वहीं, अन्य प्रशिक्षण एवं शिक्षण गतिविधियां निर्धारित प्रावधानों के अनुसार डीआईटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की जाएंगी।
इस पहल से विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक परिवेश में काम करने, पेशेवर कार्यशैली समझने और उद्योग जगत के दृष्टिकोण से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थियों को उद्योग जगत से जोड़ना प्राथमिकता : प्रो. जी. रघुरामा
डीआईटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जी. रघुरामा ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे शिक्षण अनुभव विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ उद्योग जगत के दृष्टिकोण से भी परिचित कराएं।
उन्होंने कहा कि केपीएमजी इन इंडिया के साथ यह करार विद्यार्थियों को संरचित शिक्षण गतिविधियों में भाग लेने और उद्योग-उन्मुख कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर प्रदान करेगा। उन्हें विश्वास है कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में नए विचारों और अनुभवों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अनुभवात्मक शिक्षण को मिलेगा बढ़ावा : चिन्मय प्रधान
केपीएमजी इन इंडिया के कॉर्पोरेट सेवाओं के साझेदार चिन्मय प्रधान ने कहा कि उद्योग जगत में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच विद्यार्थियों के लिए समकालीन औद्योगिक दृष्टिकोण और व्यावहारिक शिक्षण पद्धतियों को समझना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
उन्होंने कहा कि डीआईटी विश्वविद्यालय के साथ यह साझेदारी अनुभवात्मक शिक्षण और उद्योग-उन्मुख कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में केपीएमजी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस सहयोग के माध्यम से डीआईटी विश्वविद्यालय और केपीएमजी इन इंडिया शिक्षा एवं उद्योग जगत के बीच सहभागिता को मजबूत करने के साथ विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और भविष्य की रोजगार संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में काम करेंगे।
