देहरादून। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और यूपीईएस के संयुक्त तत्वावधान में आज यूपीईएस कैंपस, बिधोली में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के पास जीवन में कुछ समय और अवसर होते हैं, उसे तय करना है कि वह क्या चुनता है। छात्रों को सकारात्मक, रचनात्मक और स्वस्थ जीवन का चयन करना चाहिए।
डीएम ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति सिर्फ खुद को नहीं, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। ड्रग्स एक तरह का ‘डोपामाइन ट्रैप’ है, जिसमें एक बार फंसने के बाद निकलना मुश्किल होता है। इससे बचने के लिए आत्म-अनुशासन और स्वयं पर नियंत्रण बहुत जरूरी है।

कहानी के माध्यम से एसपी सिटी ने किया जागरूक
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने एक कहानी के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
इस दौरान नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी नशा मुक्ति का संदेश दिया गया और छात्रों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।

इस अवसर पर एडीएम प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
