रुद्रप्रयाग। अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग पुलिस ने रविवार को पुलिस कार्यालय सभागार में एक दिवसीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न इकाइयों के 26 पुलिस कार्मिकों ने भाग लिया।
कार्यशाला में कोतवाली रुद्रप्रयाग, पुलिस कार्यालय, जनपदीय अभियोजन निदेशालय और पुलिस लाइन के पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य एकत्र करने और फिंगरप्रिंट संबंधी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घटनास्थल पर सूक्ष्म निरीक्षण कर उंगलियों के निशान (चांस प्रिंट) तलाशने, उन्हें सुरक्षित तरीके से संकलित करने तथा बिना किसी क्षति के संरक्षित रखने की प्रक्रिया सिखाई गई। साथ ही आधुनिक फिंगरप्रिंट पाउडर, रासायनिक अभिकर्मकों (केमिकल्स) और लिफ्टिंग टेप के प्रभावी उपयोग का अभ्यास भी कराया गया।
इसके अलावा फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड तैयार करने, उनके व्यवस्थित रखरखाव और राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय फिंगरप्रिंट डेटाबेस से मिलान की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण फिंगरप्रिंट प्रोफिशिएंट मुख्य आरक्षी बल्लभ भिलंगवाल और अपर उपनिरीक्षक संजय लेखवार ने दिया। उन्होंने विभिन्न आपराधिक मामलों के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि घटनास्थल से प्राप्त एक छोटा-सा फिंगरप्रिंट भी जटिल मामलों के खुलासे और अपराधियों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आधुनिक और वैज्ञानिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे पुलिसकर्मियों की जांच क्षमता में वृद्धि होगी और अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
