देहरादून। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर नव-निर्मित जिला न्यायालय परिसर में गुरुवार को भव्य वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), देहरादून के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने किया। अभियान में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायालय कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए, ताकि स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण का निर्माण हो सके।

वृक्षारोपण अभियान के दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में जनपद के सभी न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता तथा न्यायालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के नियमित संरक्षण और देखभाल का सामूहिक संकल्प भी लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। हरेला जैसे पर्व प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और समाज को हरित भविष्य के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
