सुमाड़ी में एनआईटी निर्माण कार्य सातवें दिन भी ठप, मांगों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन जारी

श्रीनगर। सुमाड़ी में निर्माणाधीन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप सहित विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को बाधित रखते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि सुमाड़ी में चल रही एनआईटी परियोजना में स्थानीय प्रभावितों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। साथ ही चमराड़ा फील्ड से एनआईटी की बोरिंग बंद करने, निर्माण कार्य में मानकों के विपरीत किए जा रहे कार्यों की जांच कराने, चमराड़ा–खल्लू मार्ग की स्थिति में सुधार करने तथा संस्थान से निकाले गए स्थानीय लोगों को पुनः रोजगार देने की मांग की जा रही है। इसके अलावा निर्माण कार्य कर रही कंपनी से मजदूरों के लिए सीवरेज की उचित व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक एनआईटी का निर्माण कार्य बंद रखा जाएगा। बताया गया कि शुक्रवार को मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से निर्माण कार्य सुचारु रूप से चलने देने की अपील की थी, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गढ़वाल विवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. सुधीर जोशी ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के धीरे-धीरे परियोजना से स्थानीय लोगों को बाहर किया जा रहा है, जबकि एनआईटी परिसर निर्माण के लिए यहां के लोगों ने अपनी भूमि नि:शुल्क दान की है। उन्होंने कहा कि जब तक खल्लू–चमराड़ा और सुमाड़ी मार्ग का गुणवत्तापूर्ण सुधार नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य बंद रहेगा।

उन्होंने यह भी मांग की कि एनबीसीसी, सेम इंडिया और हिमालय कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी प्रशासन के समक्ष स्थिति स्पष्ट करें तथा निर्माण कार्य कर रही कंपनी अपने अनुभव से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *