नई टिहरी। टिहरी लेक फेस्टिवल 2026 के अंतर्गत दूसरे दिन साहसिक खेल, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति के संदेश के साथ आगराखाल–कसमोली ट्रैकिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभागियों को हिमालय के सुंदर और प्राकृतिक ट्रैकिंग मार्गों से परिचित कराना रहा।
ट्रैकिंग कार्यक्रम को नरेंद्रनगर के उपजिलाधिकारी आशीष घिल्डियाल तथा वन विभाग के डीएफओ दिगंत नायक ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आगराखाल से कसमोली तक आयोजित इस ट्रैकिंग में लगभग 50 सदस्यों का संयुक्त दल शामिल हुआ, जिसमें वन विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
करीब 3.5 किलोमीटर लंबा यह ट्रैक घने बांज और बुरांश के जंगलों के बीच से होकर गुजरता है, जिसने प्रतिभागियों को प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का अनुभव कराया। इस अवसर पर डीएफओ दिगंत नायक ने कहा कि नरेंद्रनगर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आगराखाल–कसमोली ट्रैकिंग रूट को एक स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस दौरान कसमोली की ग्राम प्रधान मंजू रमोला ने कहा कि यह ट्रैक स्वच्छता की दृष्टि से अत्यंत साफ-सुथरा है। उन्होंने ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों से स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए बताया कि मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कूड़ेदान भी लगाए गए हैं, ताकि पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सके।
ट्रैकिंग में शामिल स्थानीय युवती मनीषा कंडारी ने कहा कि यह क्षेत्र का अत्यंत सुंदर और स्वच्छ ट्रैक है और ऐसे प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि आगराखाल–कसमोली ट्रैक टिहरी गढ़वाल जनपद का एक उभरता हुआ ऑफबीट ट्रैकिंग डेस्टिनेशन है। यह ट्रैक ऋषिकेश–चंबा, टिहरी गढ़वाल मार्ग पर स्थित आगराखाल से शुरू होकर कसमोली गांव और बुग्याल तक जाता है, जहां से हिमालय की सुंदर चोटियों, विंटर लाइन और स्थानीय संस्कृति के अद्भुत दृश्य देखने को मिलते हैं। इस ट्रैकिंग कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देना और कसमोली ट्रैकिंग रूट को प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करना है।
