देहरादून। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास विभाग प्रदेश के बड़े शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों पर जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए पार्किंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 11 स्थानों पर शीघ्र ही नई पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जहां कुल 1082 वाहन पार्क किए जा सकेंगे।
कार्यभार संभालते ही दिए थे निर्देश
मुख्यमंत्री ने कार्यभार ग्रहण करते ही आवास विभाग को विकास प्राधिकरणों के माध्यम से बड़े शहरों, तीर्थाटन और पर्यटन केंद्रों में युद्धस्तर पर पार्किंग सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न विकास प्राधिकरणों से 195 स्थानों पर पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए।
इन प्रस्तावों में सरफेस पार्किंग, मल्टी-लेवल पार्किंग और टनल पार्किंग जैसे विकल्प शामिल थे। परीक्षण के बाद आवास विभाग 114 स्थानों की डीपीआर को मंजूरी दे चुका है और इसके लिए बजट भी जारी किया जा चुका है।
पहले चरण में 54 स्थानों पर शुरू हुई सुविधा
प्रथम चरण में 54 स्थानों पर कुल 3244 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग सुविधा विकसित कर संचालन शुरू किया जा चुका है। इससे प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों पर यातायात प्रबंधन में सुधार हुआ है।
दूसरे चरण में 11 स्थानों पर 80% निर्माण पूरा
दूसरे चरण में 11 अन्य स्थानों पर पार्किंग निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आवास विभाग का लक्ष्य है कि चालू वित्तीय वर्ष में ही इन परियोजनाओं को पूर्ण कर संचालन शुरू कर दिया जाए। इन स्थानों पर 1082 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अतिरिक्त विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से 11 अन्य स्थानों पर भी पार्किंग का निर्माण कर रहे हैं, जिससे 359 वाहनों के लिए अतिरिक्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।
सचिव आवास के निर्देश
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी यात्रा सीजन से पहले सभी चिन्हित स्थलों पर पार्किंग सुविधा बहाल करने को कहा है।
साथ ही पार्किंग स्थलों पर शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था के माध्यम से जाम की समस्या को कम किया जाए और यात्रियों व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें।
