कलेक्ट्रेट में सजा जनता दरबार, सीडीओ ने सुनी 33 फरियादियों की समस्याएं और दिए तत्काल समाधान के निर्देश

नई टिहरी। आम जनमानस की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के दिशा-निर्देशों पर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। इस दौरान मोटर मार्ग निर्माण, सड़कों के सुधारीकरण, जंगली झाड़ियों के कटान, प्रमाण पत्र जारी करने और सुरक्षा दीवार लगाने जैसे कुल 33 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

जनता दरबार में प्रतापनगर तहसील के अंतर्गत ओखला गांव निवासी धनवीर सिंह रावत ने एक गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि ओखला-मोटणा-मदननेगी मोटर मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से ओखला बस्ती का राजकीय प्राथमिक विद्यालय खतरे की जद में आ गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल सुरक्षा दीवार लगाने और मलबा हटाने के कड़े निर्देश दिए, ताकि स्कूली छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं, देवप्रयाग तहसील के बनगढ़ निवासी बबली देवी ने अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनके पिता मंगलू, जो मूल रूप से टिहरी तहसील के गोदी सिरांई के निवासी थे, का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। इस पर एसडीएम टिहरी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

पेंशन और आवास से जुड़ी समस्याओं पर भी प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई। बादशाहीथौल के सौन्दकोटी गांव निवासी सुरजा खत्री ने अपने पति जीत राम की मृत्यु के पश्चात उनकी सामान्य भविष्य निधि, पेंशन और अन्य देयकों के भुगतान की मांग की, जिस पर वरिष्ठ कोषाधिकारी को नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा गया। इसी तरह, नई टिहरी के एफ ब्लॉक निवासी गब्बर सिंह पंवार द्वारा सरकारी आवास की मरम्मत की मांग पर संबंधित विभाग को कार्यवाही के निर्देश मिले। स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में बालगंगा तहसील के मयकोट निवासी राजेंद्र लाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाटा चमियाला के आसपास अत्यधिक कांटेदार झाड़ियां होने की समस्या बताई और केंद्र को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की, जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उचित कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया।

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