नई टिहरी। जनपद के थत्यूड़ क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत मथलऊ में सामाजिक चेतना और सुधार की एक नई मिसाल पेश की गई है। यहां आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने का बीड़ा उठाया है। ग्राम प्रधान पुलम सिंह रावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर शराब के सेवन और प्रदर्शन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। ग्रामीणों का यह निर्णय न केवल युवा पीढ़ी को नशे के गर्त में जाने से बचाने का कार्य करेगा, बल्कि आयोजनों में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची पर भी लगाम लगाएगा।
बैठक के दौरान विशेष रूप से गांव की मातृशक्ति ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इस मुहिम को अपना पूर्ण समर्थन दिया। महिलाओं का कहना था कि विवाह, मेहंदी और मुंडन जैसे पवित्र संस्कार, जो खुशी और उल्लास के प्रतीक हैं, अक्सर नशे के कारण विवाद और अशांति का केंद्र बन जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने कड़ा निर्णय लिया है कि भविष्य में गांव के भीतर होने वाले मुंडन संस्कारों को पूरी तरह धार्मिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ संपन्न कराया जाएगा। किसी भी आयोजन में शराब परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी और यदि कोई नियम का उल्लंघन करता है तो समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा।
इसके अतिरिक्त, बैठक में विवाह समारोहों के दौरान नोटों की माला पहनाने की प्रचलित प्रथा को भी हतोत्साहित करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने एकमत होकर माना कि यह केवल दिखावे और धन की बर्बादी का माध्यम है। इसके स्थान पर वर-वधू को आशीर्वाद स्वरूप नगद धनराशि देने को प्राथमिकता दी जाएगी, जो उनके भविष्य निर्माण में काम आ सके। बैठक में पश्चिमी संस्कृति के बढ़ते अंधानुकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए अपनी समृद्ध स्थानीय लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और पहाड़ी रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
