उत्तराखंड से तीन हस्तियों को मिला प्रतिष्ठित सम्मान
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सिविल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान उत्तराखंड से राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। राधा भट्ट को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान मिला, जबकि गैंटज़र दंपत्ति को साहित्य एवं शिक्षा – यात्रा वृत्तांत व पत्रकारिता के क्षेत्र में संयुक्त रूप से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। उत्तराखंड के इन तीन महान व्यक्तित्वों राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को पद्मश्री सम्मान देश के लिए उनके अमूल्य योगदान की पहचान है। समाज सेवा से लेकर साहित्य और पत्रकारिता तक इनकी सेवाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।
पद्मश्री सम्मानित सुश्री राधा भट्ट एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं। उनका जन्म उत्तराखंड के एक दूरस्थ गाँव में हुआ था। किशोरावस्था की तत्कालीन सामाजिक एवं पारिवारिक विषम परिस्थितियों में ही उन्होंने समाज सेवा का रास्ता चुना और महिलाओं व लड़कियों की शिक्षा और आत्मविश्वास के विकास को अपना उद्देश्य बनाया। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने 12वीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और मात्र 16 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी आश्रम, कौसानी में सरला बेन के साथ समाज सेवा का कार्य आरंभ किया।
पद्मश्री से सम्मानित ह्यूग गैंटज़र एक प्रसिद्ध यात्रा लेखक और भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर हैं। उन्होंने 1953 में नौसेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया और 1973 में दक्षिणी नौसेना कमांड के पहले न्याय अधिवक्ता के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने अपनी पत्नी कोलीन गैंटज़र के साथ भारत की विविधता को खोजने और लोगों तक पहुँचाने का कार्य किया। उन्होंने यात्रा लेखन की एक नई शैली की शुरुआत की। उन्होंने 3 हजार से अधिक लेख, कॉलम और फीचर लिखे और 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित कीं। उन्होंने दूरदर्शन के लिए भारत के पहले यात्रा वृत्तचित्र बनाए । उनके लेखन का प्रमुख उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करना था, जो पाठकों को प्रेरित करता रहा। उन्हें और उनकी पत्नी को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले, जिनमें डी.सी. मेहता पुरस्कार, 2012 का राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार, पैसिफिक एरिया ट्रैवल एसोसिएशन का गोल्ड अवार्ड, बेस्ट ट्रैवल राइटर अवार्ड, और भारत सरकार का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं। उनकी जिज्ञासा, साहस और सहानुभूति ने कोलीन और ह्यूग गैंटज़र को एक प्रभावशाली यात्रा लेखक जोड़ी बना दिया।
