गुरुद्वारे में कीर्तन दरबार और अखंड लंगर, बाजार में राहगीरों को वितरित किया गया शीतल शरबत

चकराता। सिखों के पांचवें गुरु एवं प्रथम शहीद गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुवार को चकराता में श्रद्धा, सेवा और मानवता का अनूठा संगम देखने को मिला। पंजाबी समाज एवं गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के तत्वावधान में गुरुद्वारे में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जबकि छावनी बाजार में राहगीरों और स्थानीय लोगों को छबील (शरबत) का प्रसाद वितरित किया गया।

गुरु अर्जन देव जी की पावन स्मृति में पिछले 15 दिनों से छावनी बाजार स्थित गुरुद्वारे में सुखमनी साहिब के पाठ आयोजित किए जा रहे थे। गुरुवार को पाठों की पूर्णाहुति के अवसर पर भोग डाला गया तथा भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर रागी जत्थे के भाई लवजीत सिंह एवं भाई मान सिंह ने गुरबाणी के मधुर शब्दों का गायन कर संगत को भाव-विभोर कर दिया। इसके उपरांत गुरु महाराज के समक्ष अरदास कर क्षेत्र, देश और समस्त मानव समाज की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की गई।

गुरुद्वारे में आयोजित गुरु का अटूट लंगर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने भाग लेकर गुरु साहिब के बताए सेवा, समर्पण और मानवता के मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प लिया।

दोपहर के समय पंजाबी समाज के सदस्यों ने छावनी बाजार में छबील लगाकर राहगीरों को शीतल शरबत का प्रसाद वितरित किया। भीषण गर्मी के बीच सेवा भावना से किए गए इस आयोजन की लोगों ने सराहना की और इसे मानव सेवा की उत्कृष्ट मिसाल बताया।

शाम को पुनः कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लेकर गुरु चरणों में श्रद्धा अर्पित की। पूरे दिन धार्मिक, सामाजिक और सेवा कार्यों का माहौल बना रहा तथा गुरु अर्जन देव जी के बलिदान, त्याग और मानवता के संदेश को याद किया गया।

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