तारली गांव की ध्यांटुड़ियों ने महासू महाराज मंदिर में चांदी की भव्य देव छड़ी की भेंट

साहिया। जौनसार-बावर क्षेत्र के खत बमटाड़ के तारली गांव में गुरुवार को आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला। गांव की विवाहित एवं अविवाहित बेटियों (ध्यांटुड़ियों) ने सामूहिक रूप से गांव के आराध्य देव महासू महाराज के मंदिर में चांदी से निर्मित भव्य देव छड़ी भेंट कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

इस पावन अनुष्ठान का शुभारंभ महासू देवता के पुजारी हंसराम शर्मा द्वारा विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया। पूजा के उपरांत देव छड़ी को हरिपुर स्थित यमुना घाट ले जाया गया, जहां उसका पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शाही स्नान कराया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

यमुना घाट में स्नान के पश्चात तारली गांव की ध्यांटुड़ियां एवं ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों और गाजे-बाजे के साथ देव छड़ी को शोभायात्रा के रूप में लेकर निकले। यह यात्रा कालसी और साहिया होते हुए तारली गांव पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने देव छड़ी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

तारली गांव पहुंचने पर शुभ मुहूर्त में देव पुजारी द्वारा चांदी की देव छड़ी को महासू महाराज मंदिर के गर्भगृह में विधिवत स्थापित किया गया। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक अवसर पर गांव में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव की ध्यांटुड़ियों की विशेष भूमिका रही। उनकी आस्था, समर्पण और उत्साह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों ने इसे गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

 

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