नई टिहरी में किसानों को वर्मी कंपोस्ट इकाइयों का वितरण, नरेंद्रनगर में क्रीड़ा प्रतियोगिता संपन्न
नई टिहरी। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की एससी/एसटी परियोजना के तहत वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार द्वारा जाखणीधार ब्लॉक के मंदार, ढुंग और कस्तल गांवों के किसानों को वर्मी कंपोस्ट इकाइयों का वितरण किया गया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट के उपयोग और इसके लाभों की जानकारी दी।
वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी के वैज्ञानिकों ने मंदार में 17 तथा ढुंग व कस्तल में 15-15 अनुसूचित जाति के किसानों को वर्मी कंपोस्ट पिट, शेड नेट, बैग, पाइप सहित अन्य सामग्री वितरित की। उन्होंने बताया कि इससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा, मिट्टी की उर्वरता में सुधार होगा और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही किसानों को भविष्य में कृषि यंत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे खेती के कार्य और अधिक सुगम हो सकेंगे।
वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रसार पर जोर दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी सहयोग की अपेक्षा जताई।
वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता
राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। प्रतियोगिता के दूसरे दिन बैडमिंटन, चौस, कैरम और गोला फेंक की फाइनल स्पर्धाएं आयोजित की गईं।
बैडमिंटन पुरुष वर्ग में अभिषेक चौहान और महिला वर्ग में लक्ष्मी विजेता रहीं। कैरम में दीपक अमोला (पुरुष) और निर्मल कैंतुरा (महिला) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोला फेंक में आयुष रावत (पुरुष) और लक्ष्मी (महिला) ने बाजी मारी।
प्रतियोगिता में कुल 75 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें 41 प्रतिभागियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन फोटो सेशन और राष्ट्रगीत के साथ हुआ।
