नई टिहरी। विकासखंड चंबा की ग्राम पंचायत पलास में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शादी-समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान ममता नौटियाल ने की, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शराब बंदी का संकल्प लिया।
मंगलवार को आयोजित बैठक में गांव में बढ़ती सामाजिक समस्याओं और युवाओं पर नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया गया कि गांव में होने वाले विवाह, मुंडन और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में शराब का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि सभी आयोजन और डीजे रात 12 बजे तक ही सीमित रहेंगे।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 11 हजार रुपये का सामाजिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा बाहरी व्यक्तियों द्वारा शराब पीकर गांव में शोर-शराबा करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ग्राम समाज सुधार समिति का गठन भी किया गया। इसमें वीर सिंह राणा को अध्यक्ष, मकानी देवी को उपाध्यक्ष, विजयपाल सिंह को सचिव, कुसुम राणा को सहसचिव और राजमती देवी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। कांति, काजल, शशि, मस्तराम नौटियाल, पिंकी पुंडीर, मनीषा राणा और प्रवीण राणा को कार्यकारिणी सदस्य नामित किया गया। समिति की मासिक बैठक प्रत्येक माह की 15 तारीख को आयोजित की जाएगी।
ग्राम प्रधान ममता नौटियाल ने कहा कि यह निर्णय गांव के सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने और नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से लिया गया है। ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे समाज के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
वहीं “शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि यदि ग्राम समाज सामूहिक संकल्प ले, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने अन्य ग्राम पंचायतों से भी इस पहल से प्रेरणा लेने की अपील की।
