समालखा (हरियाणा):
संत निरंकारी मिशन के तत्वावधान में आयोजित 26वें बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन समालखा (हरियाणा) स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। यह टूर्नामेंट सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से आयोजित किया गया।
फरवरी 2026 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में देशभर के विभिन्न राज्यों से चयनित 24 टीमों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आपसी भाईचारे, अनुशासन और सहयोग का संदेश दिया। युवाओं ने खेल के माध्यम से सहनशीलता, मर्यादा और आपसी सम्मान जैसे जीवन मूल्यों को भी व्यवहार में उतारा।
10 मार्च को खेले गए फाइनल मुकाबले में फिरोजपुर (पंजाब) और श्रीगंगानगर (राजस्थान) की टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। इस मुकाबले में श्रीगंगानगर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सोनू राजपूत (श्रीगंगानगर) को “मैन ऑफ द मैच” के सम्मान से नवाजा गया।
इस पूरे आयोजन का संचालन जोगिंदर सुखीजा (सचिव, संत निरंकारी मंडल) के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि यह टूर्नामेंट केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का एक सशक्त माध्यम है, जहाँ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ प्रेम, सम्मान और सौहार्द की भावना भी विकसित होती है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन सायंकाल युवाओं के लिए सत्संग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य उन्हें शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आध्यात्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और मानसिक शांति की ओर प्रेरित करना रहा।
समापन समारोह में संत निरंकारी मंडल के मेंबर इंचार्ज एवं प्रचार विभाग के प्रमुख राकेश मुटरेजा ने विजेता टीम को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सतगुरु ने हमें “जोश के साथ होश” का संदेश दिया है। खेल केवल जीत और हार के लिए नहीं, बल्कि सीख और अनुभव प्राप्त करने का माध्यम भी होते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह टूर्नामेंट बाबा गुरबचन सिंह को समर्पित है, जिसकी शुरुआत बाबा हरदेव सिंह महाराज की कृपा से लुधियाना में हुई थी और आज सतगुरु माता जी व निरंकारी राजपिता जी के आशीर्वाद से यह प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने श्रीगंगानगर, फिरोजपुर, जयपुर और भीलवाड़ा की टीमों सहित सभी 24 टीमों को शुभकामनाएँ देते हुए उपस्थित सभी संतों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
