देहरादून:
देवभूमि उत्तराखण्ड में जल्द शुरू होने वाली विश्वविख्यात चारधाम यात्रा और ग्रीष्मकाल के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने प्रदेशभर में विद्युत आपूर्ति को सुचारू और विश्वसनीय बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था की लगातार निगरानी रखें और संभावित तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए पहले से तैयारी सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके।
निगम के अनुसार ग्रीष्मकाल में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग में भी तेजी से वृद्धि होती है। वहीं चारधाम यात्रा के दौरान राज्य में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना बेहद जरूरी है।
निर्देशों के तहत सभी वितरण खंडों और उपखंडों को उपसंस्थानों, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों पर लोड की नियमित निगरानी करने को कहा गया है, ताकि ओवरलोडिंग की स्थिति उत्पन्न न हो। आवश्यकता पड़ने पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और ट्रॉली ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही विद्युत लाइनों, इंसुलेटरों और अन्य उपकरणों का नियमित निरीक्षण कर ढीले संयोजनों की मरम्मत तथा आवश्यक रखरखाव कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया है, जिससे वोल्टेज स्तर सामान्य बना रहे और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे।
यूपीसीएल ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी उपसंस्थानों में टैप चेंजर, कैपेसिटर बैंक और अन्य उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। किसी भी तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली आपूर्ति प्रबंधन के लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं को समय पर लागू करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बाजार से बिजली खरीदकर आपूर्ति बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहकर व्यवस्था की निगरानी करने और अनावश्यक अवकाश से बचने को कहा गया है।
विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों, धाम क्षेत्रों और प्रमुख पड़ावों पर 24×7 गुणवत्तापूर्ण और स्थिर वोल्टेज के साथ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रियों, स्थानीय लोगों और यात्रा प्रबंधन से जुड़े संस्थानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए यात्रा मार्गों पर स्थित विद्युत अवसंरचना की पूर्व समीक्षा और सुदृढ़ीकरण कार्य भी किया जा रहा है।
