सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा, नहरों की टेल फीडिंग और पुलों के नीचे चैनलाइजेशन के निर्देश

देहरादून। प्रदेश के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सिंचाई विभाग की लंबित परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में हो रही देरी की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधीन पुलों के नीचे उचित चैनलाइजेशन करने, नहरों की टेल फीडिंग सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग के सभागार में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान सिंचाई क्षमता के सापेक्ष किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाने चाहिए।

पांच करोड़ से अधिक की योजनाओं का होगा थर्ड पार्टी परीक्षण

समीक्षा बैठक में सतपाल महाराज ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं के लिए थर्ड पार्टी परीक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए और योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्री ने अधिकारियों को सभी नहरों की टेल फीडिंग सुनिश्चित करने और बजट का व्यय निर्धारित मानकों के अनुसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए योजनाओं की नियमित निगरानी आवश्यक है।

जलाशयों और बैराजों की स्थिति की नियमित समीक्षा के निर्देश

सतपाल महाराज ने जलाशयों एवं बैराजों की स्थिति और जल प्रबंधन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने प्रमुख संस्थानों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि जल प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।

उन्होंने लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों में देरी के कारणों का पता लगाने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया।

आपदा प्रभावित चमोली और थराली के कार्यों के लिए 1076 करोड़ की मांग

बैठक में मंत्री ने बताया कि आपदा से प्रभावित चमोली और थराली क्षेत्र में 24 कार्यों के लिए 1076 करोड़ रुपये की धनराशि की मांग की गई है। इसके अलावा 774.33 करोड़ रुपये की लागत वाली सात योजनाओं तथा कुंभ कार्यों के लिए 98 करोड़ रुपये के बजट की मांग भी की गई है।

उन्होंने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं की नदियों के चैनलाइजेशन के लिए मॉर्फोलॉजिकल एवं वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन के आधार पर नदियों के प्रवाह और चैनलाइजेशन से संबंधित कार्यों की योजना तैयार की जाएगी।

तटबंध निर्माण के लिए 337 करोड़ का बजट

सिंचाई मंत्री ने बताया कि इस वर्ष तटबंध निर्माण के लिए 337 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 166 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और संबंधित निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के प्रयास किए जाएं।

विभागीय अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, मुख्य अभियंता शंकर कुमार शाह और मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सहित सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

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