सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खाका तैयार, 10 साल की सेवा वालों के विनियमितीकरण पर जोर

 

 

देहरादून। उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क देहरादून में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने की।

 

बैठक में सफाई कर्मचारी संगठनों ने नए स्थायी पदों के सृजन, रिक्त पदों पर भर्ती, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के विनियमितीकरण, समान वेतन और कल्याण कोष की स्थापना सहित कई मांगें प्रमुखता से उठाईं।

 

नए पद सृजित करने और रिक्त पद भरने की मांग

 

आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और विस्तारित क्षेत्रफल को देखते हुए मानकों के अनुरूप पर्यावरण मित्रों एवं पर्यवेक्षकों के नए स्थायी पद सृजित किए जाने चाहिए। उन्होंने समाप्त किए गए पदों को दोबारा बहाल करने तथा नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में रिक्त पदों पर जल्द भर्ती कराने की मांग रखी।

 

उन्होंने मोहल्ला स्वच्छता समितियों और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कार्मिकों की तर्ज पर समान वेतन देने की भी मांग की।

 

10 साल की सेवा पूरी करने वालों के नियमितीकरण पर जोर

 

बैठक में दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को विनियमित किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया।

 

इसके अलावा सफाई कार्य में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि आवंटित करने तथा नमस्ते योजना के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने की मांग की गई।

 

सफाई कर्मचारियों के लिए बनेगा कल्याण कोष

 

सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष स्थापित करने के साथ ही भूमि और आवास की सुविधा, कैशलेस उपचार तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी बैठक में रखी गई।

 

सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पद सृजन समेत शासन स्तर से संबंधित विषयों को शासन के संज्ञान में लाया जाएगा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से जोड़कर अन्य कार्मिकों की तरह वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।

 

आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित वेतन देने के निर्देश

 

सचिव ने सभी नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

उन्होंने कहा कि जहां भी सुरक्षा उपकरणों की कमी सामने आए, उसका तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।

 

हर कर्मचारी को ईएसआई, पीएफ और स्वास्थ्य सुविधा

 

सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई और पीएफ की सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। भूमि एवं आवास की सुविधा के संबंध में भी विभिन्न विकल्पों पर विचार करने की बात कही गई।

 

निजी भूमि रखने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने और भवन निर्माण कर आवास उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।

 

तीन महीने में गोल्डन कार्ड के लिए विशेष शिविर

 

नगर निकायों के आयुक्तों को सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अगले तीन महीनों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक सफाई कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमारी सामने आने पर समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया।

 

बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्ष एवं महामंत्रियों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर सहित प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष, महामंत्री और आयोग के सदस्य मौजूद रहे।

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