देहरादून। ग्रामीण विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति तथा वन स्वीकृतियों की स्थिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सड़क परियोजनाओं की प्रगति, वन स्वीकृतियों की वर्तमान स्थिति और कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित ठेकेदारों द्वारा प्रभावी ढंग से निभाई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने प्रभावित लोगों को देय मुआवजे का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए वन स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिपूरक वनीकरण (कम्पेन्सेटरी अफॉरेस्टेशन) के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित की जाए, जिससे स्वीकृति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (पीआईयू) को जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ सतत एवं प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल और शीघ्र बनाने के लिए वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करें, ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
