देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान (FRI), देहरादून में मंगलवार को 32वीं अनुसंधान सलाहकार समूह (RAG) बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सुधीर कुमार ने की। बैठक में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ वन अधिकारी, वैज्ञानिक और वन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में संस्थान की अनुसंधान प्राथमिकताओं और संचालित वैज्ञानिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञ समूह ने नए शोध प्रस्तावों की वैज्ञानिक गुणवत्ता, प्रासंगिकता, नवाचार, व्यवहारिकता और क्षेत्र में संभावित योगदान के आधार पर समीक्षा की।
इस दौरान 10 नए परियोजना प्रस्ताव और 5 परिवर्तन अनुरोध विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखे गए। प्रस्तावों में वन एवं वन उत्पादों के प्रबंधन, आजीविका एवं आर्थिक विकास, जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिक सुरक्षा, वन आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन और वृक्ष सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने प्रस्तावित शोध पहलों को और प्रभावी बनाने के लिए वैज्ञानिक सुझाव दिए। साथ ही चल रही परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इससे शोध परिणामों का आकलन करने और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों और उभरती चुनौतियों को देखते हुए नवीन, अनुप्रयोग-उन्मुख और टिकाऊ वन अनुसंधान को बढ़ावा देना जरूरी है। वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति वन क्षेत्रों की सहनशीलता बढ़ाने को शोध की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
FRI के अनुसार RAG बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं को आगे के मूल्यांकन के लिए अनुसंधान नीति समिति की बैठक में भेजा जाएगा। बैठक का समापन वैज्ञानिक रूप से मजबूत शोध प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिकों को दीर्घकालिक एवं उपयोगी अनुसंधान के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर के साथ हुआ।
