चकराता में एससी विद्यार्थियों के लिए 50 प्रतिशत प्रवेश व्यवस्था बहाल करने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

चकराता। चकराता विधानसभा क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों और प्राविधिक संस्थानों में अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों को पहले की तरह 50 प्रतिशत प्रवेश का लाभ देने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में अंबेडकर महामंच चकराता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

महामंच के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. नंदलाल भारती के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2016 से पहले क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए 50-50 प्रतिशत प्रवेश की व्यवस्था थी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क आवासीय एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता था।

2016 के बाद एससी विद्यार्थियों के प्रवेश में आई कमी

महामंच का कहना है कि वर्ष 2016 के बाद इन संस्थानों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का प्रवेश लगभग बंद हो गया। शासनादेश और ऑडिट संबंधी आपत्तियों का हवाला देते हुए संस्थानों को केवल अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित बताया जा रहा है। इससे क्षेत्र के अनुसूचित जाति समुदाय के बच्चे पहले मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की शिक्षा का मुद्दा उठाया

ज्ञापन में चकराता क्षेत्र की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की समस्याओं का उल्लेख किया गया है। महामंच ने कहा कि क्षेत्र के कई अभिभावक अपने बच्चों को दूर भेजकर बेहतर शिक्षा दिलाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में पहले से संचालित आवासीय शिक्षा व्यवस्था को बहाल करना जरूरी है, ताकि बच्चों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो अलग आवासीय विद्यालय खोलने की मांग

अंबेडकर महामंच ने मुख्यमंत्री से 50 प्रतिशत प्रवेश व्यवस्था बहाल करने के लिए आवश्यक शासनादेश जारी करने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि किसी कारण से पुरानी व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है, तो चकराता विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए कक्षा छह से 12वीं तक का पृथक निःशुल्क आवासीय विद्यालय खोला जाए।

महामंच का कहना है कि इससे क्षेत्र के वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल

मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने वालों में गोपाल दास, दीनदयाल, धन्नो देवी, जयपाल सिंह, शरण भारती, नरेंद्र सिंह, गुड्डू सागर, किशन कुमार, अनिता शाह, सुनील निराला, शर्मिला, संजू लाल और श्याम सिंह भारती सहित कई लोग शामिल रहे।

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