रुद्रप्रयाग। कालीमठ मंदिर समूह से जुड़े पंचगाईं क्षेत्र के हक-हकूकधारियों ने अपने पारंपरिक अधिकारों और मंदिर व्यवस्थाओं में भागीदारी की मांग उठाई है। कालीमठ पंचगाईं समिति ने बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पाण के माध्यम से 12 सूत्रीय मांगपत्र भेजा है।
समिति ने बीकेटीसी में पंचगाईं क्षेत्र से स्थायी सदस्य नामित करने, मंदिरों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में प्रतिनिधित्व और पारंपरिक हक-हकूकों को मान्यता देने की मांग की है। साथ ही कालीमठ मंदिर परिसर में कार्यालय कक्ष, धार्मिक आयोजनों में आधिकारिक सहभागिता और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण की मांग भी की गई है।
समिति ने मां कालीमाई की देवरा यात्रा के लिए प्रतिवर्ष बजट प्रावधान तथा 2026 में केदारनाथ और 2027 में बदरीनाथ धाम में यात्रा के दौरान विशेष स्वागत और प्रोटोकॉल की मांग की है।
इसके अलावा स्थानीय लोगों को मंदिरों में दर्शन, रोजगार और व्यवसाय में प्राथमिकता देने तथा ड्यूटी के दौरान हक-हकूकधारी की मृत्यु या दुर्घटना होने पर परिवार को क्षतिपूर्ति देने की मांग भी उठाई गई है। समिति ने बीकेटीसी से जल्द बैठक कर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
