हरिद्वार। उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों पूरी तरह शिवमय नजर आ रही है। कांवड़ यात्रा 2026 अपने चरम पर है और शहर की सड़कों, घाटों तथा कांवड़ पटरी पर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष लगातार गूंज रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक अब तक 60 लाख से अधिक शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी आमद से पूरा शहर आस्था, उत्साह और भक्ति के रंग में रंगा हुआ है।
कांवड़ बाजार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
कांवड़ यात्रा का सबसे प्रमुख केंद्र माने जाने वाले कांवड़ बाजार में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई है। इस बार पारंपरिक कांवड़ों के साथ एलईडी लाइटों, आकर्षक सजावट और भगवान शिव की मनमोहक झांकियों से सजी आधुनिक कांवड़ श्रद्धालुओं को खूब लुभा रही हैं। वहीं भगवा वस्त्र, डमरू, त्रिशूल, रुद्राक्ष की मालाएं, शिव ध्वज और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी जमकर खरीदारी हो रही है।
भोले बाबा की मूर्तियां बनीं बाजार का सबसे बड़ा आकर्षण
इस वर्ष कांवड़ बाजार में भगवान शिव की आकर्षक प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। दुकानदारों का कहना है कि कलश के बाद सबसे ज्यादा मांग भोले बाबा की मूर्तियों की है। विभिन्न आकार और डिजाइनों में उपलब्ध ये प्रतिमाएं बाजार की रौनक बढ़ा रही हैं और श्रद्धालु इन्हें अपने घर ले जाने के लिए उत्साह दिखा रहे हैं।

ऊंचे डीजे वाहनों पर प्रशासन की सख्ती
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। पुलिस, जल पुलिस, एसडीआरएफ सहित सभी संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं। बिजली की लाइनों से किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए निर्धारित मानकों से अधिक ऊंचाई वाले डीजे वाहनों पर विशेष सख्ती बरती जा रही है। रविवार को नारसन बॉर्डर पर ऐसे कई कांवड़ वाहनों को आवश्यक निर्देश देकर वापस लौटा दिया गया।
सेवा शिविरों में मिल रही भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधा
कांवड़ यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा शिवभक्तों के लिए भोजन, पेयजल, विश्राम और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे हुए हैं।
जिला प्रशासन ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने शंकराचार्य चौक पर गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों का पुष्प वर्षा और फूल-मालाओं से स्वागत किया। अधिकारियों ने कांवड़ियों को फल और जूस वितरित करते हुए उनकी सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
हरिद्वार में आस्था, सेवा और सुरक्षा का यह अनूठा समन्वय कांवड़ यात्रा को भव्य और सुव्यवस्थित बना रहा है। श्रद्धा से सराबोर धर्मनगरी एक बार फिर देशभर के शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरी है।
