श्रीनगर। उत्तराखंड दूरसंचार परिमंडल के कर्मचारियों ने बीएसएनएल प्रबंधन द्वारा लागू की जा रही पुनर्गठन नीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने इसे कर्मी विरोधी बताते हुए नीति को वापस लेने की मांग की।
संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर 28 जुलाई से शुरू हुए तीन दिवसीय विरोध कार्यक्रम के तहत 30 जुलाई को बीएसएनएल श्रीनगर परिसर में कर्मचारियों ने कार्यालय कार्य प्रभावित किए बिना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभिन्न कर्मचारी एसोसिएशनों एवं यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बीएसएनएल प्रबंधन मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा उत्तराखंड दूरसंचार परिमंडल के लिए लागू की जा रही पुनर्गठन नीति मनमाने ढंग से लागू की जा रही है, जिससे कर्मचारियों के हित और उनके मौलिक अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने मांग की कि इस नीति पर पुनर्विचार कर कर्मचारियों की आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाए।
संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार, संचार मंत्रालय और बीएसएनएल प्रबंधन ने पुनर्गठन नीति को वापस नहीं लिया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।इस दौरान जोगेंद्र, देवाशीष पंवार, वीरू कुमार, अमर चौहान एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
