देहरादून। उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने आयोग कार्यालय में विभिन्न शिकायती प्रकरणों की सुनवाई करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान कुल 11 मामलों पर विचार किया गया।
अध्यक्ष ने अधिकारियों से प्रत्येक प्रकरण में स्पष्ट आख्या आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने और पात्र शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने को कहा। हरिद्वार की माया देवी के ज्येष्ठता निर्धारण प्रकरण में कृषि विभाग को मामले का पुनः परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
चंबा (टिहरी गढ़वाल) निवासी नंदिनी गुसाईं के भूमि विवाद मामले में संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रार्थिनी को भूमि पर कब्जा दिलाने तथा आयोग को विस्तृत आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा हरिद्वार के अहसान अंसारी की राशन दुकान संबंधी शिकायत, शोभना के पैतृक भूमि विवाद, चमोली के कुलदीप सिंह के अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र, देहरादून के सरोज कुमार के सामान वापस दिलाने तथा ऊधमसिंहनगर की संतोष देवी के देयकों के भुगतान सहित कई मामलों में आयोग ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
हरिद्वार के अनुदीप सिंह के मेडिकल लैब टेक्नीशियन पंजीकरण नवीनीकरण संबंधी मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली तिथि पर पुनः सुनवाई करने का निर्णय लिया गया। वहीं रमेश पेटवाल, ईशम सिंह, मनवीर सिंह सहित अन्य शिकायतकर्ताओं के मामलों में भी विभागों से प्राप्त आख्या के आधार पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आयोग अध्यक्ष संजय नेगी ने कहा कि आयोग का उद्देश्य शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध एवं न्यायसंगत समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायतों का गंभीरता से निस्तारण किया जाए, ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सुनवाई के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, सचिव गोरधन सिंह, आयोग के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
