नई टिहरी। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित एवं निर्माणाधीन सीवरेज परियोजनाओं, सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) तथा गंगा संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधीक्षण अभियंता वी.के. सिंह ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। वहीं सहायक अभियंता, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) धर्मेंद्र प्रसाद कुकरेती ने बताया कि ऋषिकेश-ढालवाला में निर्माणाधीन 8 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी प्लांट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में उसमें सीवर जल का उपचार किया जा रहा है।
बैठक में 300 केएलडी एसटीपी प्लांट के निर्माण में आ रही बाधाओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर एवं परियोजना प्रबंधक, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को आपसी समन्वय से बैठक आयोजित कर निर्माण कार्य शीघ्र दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सीवर लाइन से जुड़े भवनों एवं घरों की सूची, साथ ही सेप्टेज मैनेजमेंट के लिए पंजीकृत वाहनों और वेंडरों का विवरण अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि 20 या उससे अधिक कमरों वाले सभी होटलों में एसटीपी या ईटीपी प्लांट स्थापित हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी।
अधिशासी अभियंता अजय कुमाऊ ने बताया कि तपोवन स्थित 3.5 एमएलडी क्षमता का एसटीपी वर्तमान में सुचारु रूप से संचालित हो रहा है और इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुरूप पाई गई है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गंगा संरक्षण एवं स्वच्छता से जुड़े सभी कार्यों में बेहतर समन्वय के साथ काम करते हुए सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संस्थान के अधिशासी अधिकारी प्रशांत भारद्वाज, गंगा समिति के अरुण उनियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
