उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में रविवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दोपहर बाद विश्वप्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में बर्फबारी शुरू होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड बढ़ गई। मां यमुना के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु आसमान से गिरते बर्फ के फाहों को देखकर रोमांचित हो उठे। कई तीर्थयात्रियों ने बर्फबारी के खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। यमुनोत्री धाम के रावल गिरीश उनियाल ने बताया कि धाम में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बर्फबारी का आनंद लिया। बर्फ के फाहे गिरते देख तीर्थयात्रियों के चेहरे खिल उठे। चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में मौसम के इस बदलाव ने धाम की प्राकृतिक सुंदरता को और खास बना दिया।

यमुनोत्री धाम में बढ़ी ठंड, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बदला मौसम
यमुनोत्री धाम और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में सुबह से ही आसमान में हल्के बादल छाए रहे। बादलों की आवाजाही और तापमान में गिरावट से लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास होने लगा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ गर्म कपड़ों की जरूरत भी बढ़ने लगी है। धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बर्फबारी बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
यमुनोत्री धाम में बर्फबारी का नजारा तीर्थयात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मां यमुना के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बर्फ के फाहों को गिरते देख खुशी जताई।
हिमालयी क्षेत्र में मौसम के इस बदलाव से प्राकृतिक दृश्य और भी मनमोहक हो गए। हालांकि, तापमान में गिरावट के बीच ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए गर्म कपड़े रखना और स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहना जरूरी है।
पांच जिलों के कुछ क्षेत्रों के लिए जारी हुआ था येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 24 अक्टूबर की रात 10:21 बजे से 25 अक्टूबर की रात 1:21 बजे तक की अवधि के लिए जारी चेतावनी में देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी के कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब होने की संभावना जताई थी।
पूर्वानुमान के अनुसार, पुरोला, बड़कोट, भटवाड़ी, चकराता, विकासनगर, मसूरी, ऋषिकेश, धनोल्टी, श्रीनगर, देवप्रयाग, भगवानपुर, रुड़की, लक्सर और कोटद्वार सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली चमकने, हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी।
यमुनोत्री धाम में बर्फबारी और जिले के अन्य हिस्सों में बदले मौसम के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। ऐसे में श्रद्धालुओं और यात्रियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और आवागमन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
