उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 215 उपसंस्थानों पर RT-DAS किया गो-लाइव

RDSS के तहत विद्युत वितरण तंत्र में बड़ा तकनीकी उन्नयन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व एवं प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के मार्गदर्शन में यूपीसीएल राज्य के विद्युत वितरण तंत्र को आधुनिक और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के अंतर्गत प्रस्तावित 215 नग 33/11 केवी उपसंस्थानों पर Real Time Data Acquisition System (RT-DAS) की स्थापना निर्धारित समय-सीमा से पूर्व सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। परियोजना का सिस्टम गो-लाइव भी संपन्न हो चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं।

पर्वतीय से औद्योगिक क्षेत्रों तक विस्तार

RT-DAS प्रणाली प्रदेश के शहरी, औद्योगिक एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के उपसंस्थानों पर स्थापित की गई है। इनमें धारचूला, मुनस्यारी, लोहाघाट, टनकपुर, रानीपोखरी, जौलीग्रांट, नकोट, पंतनगर, गैरसैंण, अस्कोट, अगस्तमुनी, लालतप्पड़, रोशनाबाद, रायवाला, उखीमठ, श्रीकोट, पुरोला, बर्नीगाड, रूद्रपुर, त्यूनी, आदिबद्री, चाकीसैंण, चिपलघाट, सेलाकुई सहित कई प्रमुख उपसंस्थान शामिल हैं।

इन उपसंस्थानों पर RT-DAS लागू होने से विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फॉल्ट, लोड और उपकरणों से संबंधित जानकारी अब रियल टाइम में कंट्रोल सेंटर तक उपलब्ध हो रही है।

क्या है RT-DAS की विशेषता?

अधिशासी अभियन्ता (स्काडा) श्री मोहन मित्तल के अनुसार, RT-DAS एक उन्नत डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली है, जिसके माध्यम से वोल्टेज, करंट, लोड, ब्रेकर की स्थिति और ट्रिपिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सीधे नियंत्रण कक्ष तक पहुंचती हैं।

  • बिजली नेटवर्क की निगरानी अधिक सटीक और पारदर्शी हुई

  • AT&C हानियों के विश्लेषण और नियंत्रण में सुधार संभव

  • उपकरणों की हेल्थ मॉनिटरिंग में सहायता

  • ब्रेकर ट्रिपिंग या ओवरलोड की तत्काल पहचान

  • एसएमएस अलर्ट के माध्यम से त्वरित सूचना और शीघ्र विद्युत बहाली

इससे उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल रही है।

पहले भी मिल चुके हैं सकारात्मक परिणाम

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व Integrated Power Development Scheme (IPDS) के अंतर्गत 106 उपसंस्थानों पर RT-DAS स्थापित किया जा चुका है। उन्हीं सफल अनुभवों के आधार पर RDSS के तहत इस परियोजना का विस्तार किया गया।

स्मार्ट ग्रिड की ओर बढ़ता कदम

प्रबंध निदेशक ने बताया कि 215 उपसंस्थानों पर RT-DAS के सफल क्रियान्वयन से वितरण तंत्र में बड़ा तकनीकी उन्नयन हुआ है। रियल टाइम मॉनिटरिंग और त्वरित फॉल्ट पहचान से उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है।

यूपीसीएल भविष्य में स्मार्ट ग्रिड, रिमोट ऑपरेशन, SCADA इंटीग्रेशन और डिमांड फोरकास्टिंग जैसी आधुनिक पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखण्ड की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, कुशल और उपभोक्ता हितैषी बनाया जा सके।

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