प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने आजीविका संवर्धन और वन पंचायतों में सी-बकथोर्न पौधरोपण को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश
देहरादून। प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आरके सुधांशु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य वन विकास अभिकरण की सातवीं राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रीन इंडिया मिशन के तहत वर्ष 2031 तक की पांच वर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना की समीक्षा की गई। योजना के क्रियान्वयन के लिए ₹559.16 करोड़ की वित्तीय आवश्यकता का आकलन किया गया है।

रोजगार और आजीविका संवर्धन पर जोर
प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रीन इंडिया मिशन के अंतर्गत आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही वन पंचायतों में सी-बकथोर्न का पौधरोपण करने और आजीविका से संबंधित विषयों पर शीघ्र बैठक आयोजित करने को कहा।
तीन योजनाओं का हो रहा संचालन
बैठक में बताया गया कि राज्य वन विकास अभिकरण के माध्यम से ग्रीन इंडिया मिशन, नगर वन योजना और स्कूल नर्सरी योजना संचालित की जा रही हैं। अभिकरण का वर्ष 2031 तक के लिए नवीनीकरण किया गया है। ग्रीन इंडिया मिशन के तहत तीन सब-मिशन के माध्यम से कार्य किए जाने हैं।
₹31.45 करोड़ की वार्षिक योजना केंद्र को भेजी
पिछली बैठक के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा में बताया गया कि सभी जिलों में वन विकास अभिकरण की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पौधरोपण से संबंधित नोडल अधिकारी के सुझाव भी सभी प्रभागीय वनाधिकारियों को भेजे गए हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि नए कार्यों को छोड़कर जुलाई 2025 और मई 2026 में कुल ₹31.45 करोड़ की वार्षिक परिचालन योजना (एपीओ) केंद्र सरकार को भेजी गई है। धनराशि स्वीकृत और जारी होने के बाद स्थानीय समुदायों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।
