देहरादून। यूपीईएस (UPES) का 24वां दीक्षांत समारोह 22 से 27 अक्टूबर 2026 तक आयोजित छह दिवसीय कार्यक्रम के बाद संपन्न हो गया। विश्वविद्यालय के अब तक के सबसे बड़े दीक्षांत समारोह में वर्ष 2026 के कुल 5,129 ग्रेजुएट विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सात स्कूलों और यूपीईएस ऑनलाइन के मेधावी विद्यार्थियों को कुल 126 शैक्षणिक पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में शिक्षा, उद्योग, अनुसंधान और सरकार से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लेकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

5,129 विद्यार्थियों ने हासिल की डिग्री
दीक्षांत समारोह में नियमित पाठ्यक्रमों के 4,140 विद्यार्थियों और यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थियों सहित कुल 5,129 विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। इनमें 3,024 स्नातक (अंडरग्रेजुएट) और 2,105 परास्नातक (पोस्टग्रेजुएट) विद्यार्थी शामिल रहे।
समारोह के उद्घाटन दिवस, 22 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के शोधार्थियों को 121 पीएचडी डिग्रियां भी प्रदान की गईं। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत उपस्थित रहे।
126 शैक्षणिक पुरस्कारों से सम्मानित हुए मेधावी विद्यार्थी
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए कुल 126 पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें 15 गोल्ड मेडल, 82 सिल्वर मेडल, एक ब्रॉन्ज मेडल और 28 प्रशंसा पत्र (लेटर्स ऑफ एप्रिसिएशन) शामिल रहे।
विश्वविद्यालय के सात स्कूलों में 117 शैक्षणिक सम्मान प्रदान किए गए, जबकि यूपीईएस ऑनलाइन के मेधावी विद्यार्थियों को छह सिल्वर मेडल मिले। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय स्तर पर तीन मेडल प्रदान किए गए।
विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों में स्कूल ऑफ लॉ के वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौड़ को यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल, स्कूल ऑफ डिजाइन की सौम्या गुप्ता को यूनिवर्सिटी सिल्वर मेडल और स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के परितोष जुयाल को यूनिवर्सिटी ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया।
सरकार, उद्योग और अनुसंधान जगत की हस्तियों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
छह दिवसीय दीक्षांत समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्योग, अनुसंधान और व्यावहारिक कार्यक्षेत्र के अनुभवों से जोड़ना रहा।
स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के विभिन्न सत्रों में उत्तराखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा, लिंक्डइन के डायरेक्टर ऑफ इंजीनियरिंग मोहन बाबू नेल्लोर, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस), इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. अरिजीत रॉय और नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. धर्मेंद्र सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
स्कूल ऑफ लॉ के समारोह में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भाग लिया। वहीं, स्कूल ऑफ बिजनेस के विभिन्न कार्यक्रमों में एजियो बिजनेस एंड ट्रेंड्स फुटवियर के सीईओ कुमार नितेश और उत्तराखंड के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल उपस्थित रहे।

डिजाइन, हेल्थ साइंसेज और इंजीनियरिंग स्कूलों के समारोह भी रहे खास
स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के समारोह में सीएसआईआर-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद के निदेशक डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी शामिल हुए।
स्कूल ऑफ डिजाइन ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी के पूर्व निदेशक और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजीव चोपड़ा का स्वागत किया।
समापन दिवस पर स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग के कार्यक्रम में बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं सीटीओ रोहन एम. गणपति और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज के समारोह में एनडीटीवी इंडिया के मैनेजिंग एडिटर रोहित विश्वकर्मा शामिल हुए।
विभिन्न क्षेत्रों के इन विशेषज्ञों की भागीदारी ने तकनीक, कानून, व्यवसाय, स्वास्थ्य विज्ञान, डिजाइन, इंजीनियरिंग और मानविकी जैसे विषयों में शिक्षा तथा व्यावहारिक अनुभव के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों को रेखांकित किया।
एआई के दौर में कौशल के साथ ईमानदारी और अनुकूलन क्षमता भी जरूरी: डॉ. सुनील राय
समारोह के समापन पर यूपीईएस के कुलपति डॉ. सुनील राय ने कहा कि इस वर्ष का दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इसमें अब तक के सबसे बड़े ग्रेजुएटिंग बैच की सफलता का उत्सव मनाया गया।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं की आकांक्षाओं, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों का प्रतीक है, जो भविष्य को आकार देने के लिए तैयार हैं।
डॉ. राय के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलती तकनीक के दौर में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उनमें जिज्ञासा, परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता और ईमानदारी विकसित करना भी है, ताकि वे समाज में सार्थक योगदान दे सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 का ग्रेजुएटिंग बैच नवाचार, नेतृत्व और उद्देश्यपूर्ण कार्य की भावना के साथ अपने करियर की नई शुरुआत करेगा।
भविष्य के लिए तैयार पेशेवर तैयार करने पर जोर
स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ लिबरल स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज के समारोहों के साथ यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह का समापन हुआ। छह दिनों तक चले इस आयोजन में शैक्षणिक उत्कृष्टता, बहुविषयक शिक्षा और उद्योग एवं अनुसंधान जगत के साथ विश्वविद्यालय के जुड़ाव को प्रमुखता दी गई।
यूपीईएस ने इस आयोजन के माध्यम से ऐसे पेशेवर तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने के साथ समाज और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान दे सकें।
