भेंट के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड की पर्वतीय भौगोलिक संरचना, जल स्रोतों की संवेदनशीलता और राज्य में सतत जल प्रबंधन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न केवल देश की प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल है, बल्कि “जल जीवन मिशन” और अन्य केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय राज्य मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से पेयजल आपूर्ति, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
