नई टिहरी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा सुदूरवर्ती क्षेत्रों के निवासियों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने और उनकी समस्याओं का घर-द्वार पर ही समाधान करने के उद्देश्य से संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद टिहरी गढ़वाल के अलग-अलग दुर्गम स्थानों पर एक साथ चार बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें उमड़ी भीड़ ने प्रशासन के प्रति अपने विश्वास को दर्शाया। इन शिविरों के माध्यम से जिला प्रशासन ने सुदूर गांवों में पहुंचकर न केवल जनता की नब्ज टटोली, बल्कि मौके पर ही कई समस्याओं का निस्तारण कर आमजन को बड़ी राहत प्रदान की।
जिले में प्रशासनिक मशीनरी की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में चार अलग-अलग स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। पहला शिविर तहसील प्रतापनगर के विकासखंड जाखणीधार अंतर्गत न्याय पंचायत सिलोली के राजकीय इंटर कॉलेज राजाखेत में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता स्वयं जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने की। वहीं, दूसरा शिविर विकासखंड नरेंद्रनगर की उप-तहसील पाव-की-देवी स्थित न्याय पंचायत बनाली के राजकीय इंटर कॉलेज दुआधार में उप-जिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल की देखरेख में संपन्न हुआ। इसी तरह तीसरा शिविर तहसील प्रतापनगर की न्याय पंचायत तिनवाल गांव के राजकीय इंटर कॉलेज गल्याखेत में अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में और चौथा शिविर तहसील घनसाली के भिलंगना ब्लॉक अंतर्गत न्याय पंचायत पड़ागली में परियोजना निदेशक डीआरडीए पुष्पेंद्र चौहान की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
