मानसून के बीच यूजेवीएनएल अलर्ट: मनेरी भाली परियोजनाओं की सुरक्षा और बिजली उत्पादन पर विशेष निगरानी

 

उत्तरकाशी:
लगातार हो रही बारिश और भागीरथी नदी में बढ़ती गाद (सिल्ट) एवं मलबे को देखते हुए यूजेवीएन लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने अपनी जलविद्युत परियोजनाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है। यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना-प्रथम और द्वितीय का निरीक्षण कर मानसून प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्थाओं और विद्युत उत्पादन की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजनाओं की परिचालन स्थिति, सिल्ट प्रबंधन, बांधों एवं विद्युत गृहों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानसून के दौरान सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।

प्रबंध निदेशक ने कहा कि सभी बांधों और विद्युत गृहों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप किया जाए। साथ ही उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं दक्षतापूर्ण उपयोग कर अधिकतम विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश में निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति बनी रहे।

उन्होंने भूस्खलन, अतिवृष्टि और फ्लैश फ्लड जैसी संभावित आपदाओं के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी, अर्ली वार्निंग सिस्टम (ईडब्ल्यूएस), ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्थानीय प्रशासन व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।

अजय कुमार सिंह ने कहा कि यूजेवीएनएल की सर्वोच्च प्राथमिकता जलविद्युत परियोजनाओं का सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करते हुए उत्तराखंड को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से मानसून के दौरान पूरी सतर्कता, तकनीकी दक्षता और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल, उपमहाप्रबंधक राजेश चौकसे, आशुतोष सिंह, नवल चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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