देहरादून। उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएन) लिमिटेड को नया नेतृत्व मिल गया है। शासन की चयन प्रक्रिया के बाद अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के साथ ही उन्होंने निगम को तकनीकी रूप से सशक्त, वित्तीय रूप से मजबूत और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं।
करीब तीन दशक के अनुभव वाले अजय कुमार सिंह वर्ष 2005 में अधिशासी अभियंता के रूप में यूजेवीएन से जुड़े थे। इससे पहले वह प्रभारी प्रबंध निदेशक के साथ-साथ निदेशक (परिचालन) का दायित्व भी निभा रहे थे। उन्होंने नाथपा-झाकड़ी, कोल डैम, लारजी, मनेरी-भाली द्वितीय और व्यासी जैसी महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संचालन और अनुरक्षण में अहम भूमिका निभाई है।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य यूजेवीएन को देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनियों में शामिल करना और उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं ऊर्जा अधिशेष (एनर्जी सरप्लस) राज्य बनाना है।
उन्होंने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना सहित सभी निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाओं को तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके अलावा पुराने जलविद्युत संयंत्रों के आधुनिकीकरण (आरएमयू), सौर ऊर्जा विस्तार, ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस), भूतापीय ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं को भी गति दी जाएगी।
अजय कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक, नवाचार, पारदर्शी कार्यप्रणाली, वित्तीय अनुशासन और समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया को संगठन की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया जाएगा। साथ ही ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, परिचालन लागत कम करने और राजस्व में वृद्धि के लिए प्रभावी रणनीति पर काम किया जाएगा।
उन्होंने भरोसा जताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से यूजेवीएन स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा और उत्तराखंड के ऊर्जा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यभार ग्रहण समारोह के दौरान निदेशक (परियोजनाएं) सुरेश चंद्र बलूनी, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी, आशीष कुमार जैन, जी.एस. बुदियाल सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए सफल कार्यकाल की कामना की।
