संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से प्रदेश का माहौल खराब कर रहा विपक्ष। बंसल

 

देहरादून।  भाजपा पार्टी मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता मर्डर के संवेदनशील मुद्दे पर विभिन्न राजनैतिक दलों और राजनैतिक महत्वकांक्षा वाले लोग गैरजिम्मेदाराना राजनीति कर रहे हैं। अब तक के घटनाक्रम और बीत दिवस घर में घुसकर हुई तोड़फोड़, बैनर फाड़ने और अभद्रता इस बात का इशारा करती है कि प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने एक बार पुनः कहा, भाजपा सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हमें सीबीआई या किसी भी अन्य जांच से गुरेज नहीं है। लेकिन ठोस सबूत और तार्किक तथ्य सामने आने ही चाहिए या जो आरोप लगा रहे हैं वो इन्हें जांच एजेंसी के सम्मुख प्रस्तुत करें! चूंकि मामला अपीलीय अदालत में है, वहां भी नए सिरे से जांच करवाने के लिए कोर्ट के सामने इन साक्ष्यों की जरूरत पड़ेगी ही।

उन्होंने प्रश्न उठते हुए कहा कि जिन तमाम बातों को कांग्रेस समेत अन्य पक्ष उठा रहे हैं, उन सब पर न्यायालय में लम्बी चर्चा हुई है। जिसके आधार पर सभी दोषियों को सबसे बड़ी सजा उम्रकैद हुई है। क्योंकि जैसे ही अंकिता मर्डर का दुखद घटनाक्रम सामने आया तो, तत्काल कार्रवाई कर दोषियों को पकड़ा गया। महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित हुई, जिसने सभी पुख्ता साक्ष्यों को जुटाकर अदालत में प्रस्तुत किया गया। अदालत में जिरह के दौरान भी वीआईपी होने, घटनास्थल से छेड़छाड़ जैसे तमाम विषय आए, जिसपर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसकी संभावना नजर नहीं आती है। जांच को सीबीआई से कराने के लिए भी लोग सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन न्यायालय ने किसी अतिरिक्त जांच से इंकार किया।

 

ऐसे में जब लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने निर्णय दे दिया और अब उसकी अपील उच्च न्यायालय में लंबित है तो क्यों पुनः उन्हीं तथ्यों को उठाया जा रहा है। फिर भी यदि किसी के पास कोई भी प्रामाणिक साक्ष्य या जानकारी हो तो वे इसे जांच एजेंसी या न्यायालय के सामने लाए। उनके सही और पुख्ता होने पर सरकार सभी तरह की जांच कराने को तैयार है।

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